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Sunday, 27 December 2015

रेलवे में 2864 नई नौकरियां, दो जनवरी से करें आवेदन

रेलवे ने विभिन्न पदों के लिए 2864 नई नौकरियां निकाली हैं। किसी भी विषय में साधारण स्नातक अभ्यर्थी इन नौकरियां के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी है। दो जनवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। रेलवे भर्ती बोर्ड, इलाहाबाद इन पदों के लिए नियुक्तियां करेगा।


सभी पद नॉन टेकिभनकल श्रेणियों के हैं। इसलिए किसी टेकिभनकल डिप्लोमा की जरूरत इन नौकरियों के लिए नहीं पड़ेगी।2864 पदों में कॉमर्शियल अप्रेंटिस, ट्रैफिक अप्रेंटिस, इंक्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क, गुड्स गार्ड, जूनियर एकाउंट असिस्टेंट कम टाइपिस्ट, सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, सहायक स्टेशन मास्टर और सीनियर टाइम कीपर के पद शामिल हैं।

दो जनवरी से इन पदों के लिए वेबसाइट www.allahabad.rrbonlinereg.in पर आवेदन होंगे। 25 जनवरी 2016 आवेदन की अंतिम तिथि है।

Friday, 25 December 2015

बर्फीली हवाओं से चरम पर पहुंची ठंड

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बर्फीली ठंडी हवाओं के कारण कल क्रिसमस पर भी कडाके की सर्दी रही हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में सूबे के कुछ स्थानों पर कोहरा पडने की संभावना है। इस दौरान इक्का दुक्का जगह घना कोहरा छाये रहने और शीतलहर चलने का अनुमान है।
इस बीच सूबे के ज्यादातर स्थानों पर आज गलन बढने से लोग ठिठुरन भरी ठंड से दॉत किटकिटाते रहे। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर कम होने के कारण ठंड का और अधिक अहसास हो रहा है। इसके साथ ही आसमान में कोहर की धुंध छाने लगी है। राज्य भर में हवाओं का यह रुख अभी बना रहेगा।
सर्द हवाओं के थपेड़ों से सूबे में आज भी लोग बेहाल रहे। कामकाजी महिला पुरुषों को छोड़कर अन्य लोग घरों में कैद रहे। जरूरतमंद लोग ही गर्म कपड़ों से खुद को ढककर बाहर निकले। मौसम विज्ञानियों के अनुसार नमी कर चल रही हवा से मौसम में यह बदलाव आया है। कोहरा गहराने लगा है जिसमें लगातार वृद्धि होगी। इससे तापमान में भी कमी आएगी। घने कोहरे से लोगों को सूर्य के दर्शन भी कम ही होंगे। प्रदेश में ऐसा मौसम मध्य जनवरी तक बने रहने का अनुमान लगाया गया है। वहीं सर्दी बढऩे से लोगों ने बदन पर गर्म कपड़े भी बढ़ा लिए हैं। मौसम के बदलते रुख के चलते क्रिसमस की पूर्वसंध्या पर भी शाम ढलने के बाद लोग अपने अपने घरों में दुबक गये और बाजार समेत सार्वजनिक स्थानों पर जल्द ही सन्नाटा पसर गया। रेडीमेड शोरूम व दुकानों पर गर्म कपड़े खरीदने वालों की आजकल खासी भीड नजर आ रही है। इस बीच आगरा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार क्रिसमस और नव वर्ष के मौके पर दीदार ए ताज के लिए देश दुनिया से यहां पहुंच रहे सैलानियों को कोहरे की वजह से उगते हुए सूरज में ताजमहल का नजारा नहीं मिल सकने से मायूसी का सामना करना पड रहा है। ठंड और कोहरे से रेल और सडक यातायात प्रभावित है और आगरा सेंट्रल स्टेशन से गुजरने वाली लंबी दूरी की ज्यादातर ट्रेनें लेट चल रही हैं। देवरिया से प्राप्त रिपार्ट के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में पड रही कडाके की ठंड की वजह से शहर से लेकर गांव देहात तक में गलन से राहत लेने के लिए लोगों ने आग जलाकर राहत की सांस ली। इस दौरान नजीबाबाद और हमीरपुर राज्य के सर्वाधिक ठंडे स्थान रहे जहां न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

‘अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए, मस्जिद तो वहां है ही नहीं’

विचारक गोविंदाचार्य ने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में उसी स्थान पर बनना चाहिए। मस्जिद तो वहां है ही नहीं, वह तो एक ढांचा था। क्योंकि जहां पर लंबे समय से नमाज न पढ़ी जाती हो, वह स्थान मस्जिद कही ही नहीं जा सकती है। 

वह शुक्रवार की शाम कानपुर में आयोजित भारतीय सिंधु सभा और तुलसी परिवार के निशुल्क नेत्र शिविर के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अमर उजाला से वार्ता कर रहे थे।


उन्होंने कहा कि मंदिर एक समता मूलक मुद्दा है, इसका समाधान न्यायालय के जरिये नहीं हो सकता है। सरकार को चाहिए कि इसके लिए जल्द कानून बनाकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाए। 

अयोध्या में शिला पूजन पर दूसरी पार्टियों में मची हलचल को लेकर गोविंदाचार्य ने कहा कि मंदिर को चुनावी मुद्दा न माना जाए। आखिर राम मंदिर अयोध्या में नहीं बनेगा तो कहां बनेगा। पुरातात्विक प्रमाण भी यहीं बताते हैं।जो लोग मंदिर विरोध कर रहे हैं, उन्हें जितनी जल्दी बात समझ में आ जाए, अच्छा है। यूपी 2017 में प्रचारक की भूमिका निभाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वह अब किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं।

न ही इसके बारे में अभी कुछ सोचा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अचानक पाकिस्तान यात्रा के संबंध में उन्होंने कहा कि, यदि इससे भारत पाक के बीच आतंकवाद का मुद्दा सुलझता तो यह यात्रा ठीक है। 

हम सभी को ऐसी ही उम्मीद करनी चाहिए। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को वह कैसा मुख्यमंत्री मानते हैं, इस प्रश्न पर गोविंदाचार्य करीब एक मिनट तक हंसते रहे, फिर चुप हो गए।

अब मंदिर-मस्जिद के मॉडल आमने-सामने

अयोध्या। अयोध्या में अब श्रीरामजन्म भूमि मंदिर और बाबरी मस्जिद के मॉडल बिसात में रखकर प्रतिद्वन्दी पक्ष दॉवपेंच की जंग में बढत लेने की होड लग गई है।
विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने राम मन्दिर का मॉडल बनवाकर पत्थरों को तराशने वाली कार्यशाला में रखवाया है। उसी तर्ज पर बाबरी मस्जिद एक्शन कमैटी से जुडे लोगों ने बाबरी मस्जिद का मॉडल बनवाकर पत्थर मंगवाने की घोषणा कर दी। बाबरी मस्जिद के मॉडल के बारे में लोगों को जानकारी नहीं थी। बारावफात के जुलूस में इसे शामिल करने के बाद लोगों को इसके बारे में पता चला। प्रशासन ने हालांकि जुलूस से इसके मॉडल को तत्काल हटवा दिया था। विवादित धर्मस्थल विवाद के एक पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि विहिप जब रोज-रोज मॉडल दिखा सकती है, तो वे क्यों नहीं। श्री महबूब ने कहा कि विहिप ने यदि पत्थरों को तराशने वाली कार्यशाला को लेकर राजनीति करनी नहीं छोडी तो वे भी बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए पत्थरों को मंगवाएंगे और उसे अपनी जमीन पर रखेंगे।
उन्होंने कहा कि पत्थरों के पूजन को लेकर आये दिन माहौल खराब करने की कौशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी केवल मस्जिद के मॉडल को जुलूस में शामिल करने की कोशिश की गई। उसे सार्वजनिक रुप से कहीं नहीं रखा गया, लेकिन सरकार ने यदि विहिप की कार्यशैली पर अंकुश नहीं लगाया तो बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी भी पत्थर तराशने के लिए स्वतंत्र होगी। श्री महबूब ने कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय में लम्बित है। न्यायालय के आदेश का सभी पक्षों को इन्तजार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय को दरकिनार कर आये दिन विहिप कुछ न कुछ करती रहती है। गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि न्यास की पत्थरों को तराशने वाली कार्यशाला में तीन दिन पहले राजस्थान से 35 टन पत्थर आये हैं। विहिप का कहना है कि अब कार्यशाला में पत्थरों को तराशने का काम निरन्तर चलेगा। पत्थर आएंगे और उन्हें तराशने का काम लगातार चलेगा। पत्थरों की नई खेप आते ही अयोध्या समेत देश में हलचल तेज हो गयी। संसद में भी इसे लेकर खूब बहस हुई।
श्रीरामजन्म भूमि न्यास की कार्यशाला में विहिप के माडल के अनुसार मंदिर के एक मंजिल के लिए पत्थरों को तराशने का काम पूरा हो गया है। मॉडल के अनुसार 16 गुणे 16 फुट के 212 खम्भों का निर्माण किया जाना है। मंदिर की लम्बाई, चौडाई और ऊंचाई क्रमश: 268 गुणा 14० गुणा 128 फुट है। उन्होंने बताया कि मंदिर बनने पर उसमें 185 विम लगेगी। अब कुछ ही विम बनने शेष हैं, जिसके लिए पत्थरों का आना शुरु हो गया है।