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Monday, 28 December 2015

विद्युत निगम अफसरों को किसानों ने बंधक बनाया

खतौली। विद्युत समस्या और कर्मचारियों पर चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने एक्सईएन कार्यालय के सामने धरना दिया।

एक्सईएन समेत दो एसडीओ को बंधक बनाकर दो घंटे तक धरने पर बैठाया। समस्या का शीघ्र समाधान कराने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।

भाकियू ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम, पंकज मोघा, अमित राजपूत के नेतृत्व में कार्यकर्ता एक्सईएन विद्युत कार्यालय पर पहुंचे और धरना देकर बैठ गए।

कार्यकर्ताओं ने एक्सईएन योगेश कौशिक तथा एसडीओ मनोज कुमार, एसडीओ एके शीना को बंधक बनाकर अपने बीच धरने पर बैठा लिया।

उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मचारी रात्रि में चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। बिल में भी गड़बड़ी की जा रही है। इसके अलावा गांवों में जर्जर तार नहीं बदले जा रहे हैं।

जिस पर एक्सईएन ने 15 दिन के अंदर रतनपुरी के जर्जर तार बदलवाने, एक सप्ताह में सिकंदरपुर बिजलीघर तथा सकौती फीडर से डबल ग्रुप विद्युत सप्लाई देने, मार्च तक किसानों को बिल जमा कराने के लिए परेशान ना करने के आश्वासन दिया।

इसके बाद धरना समाप्त हुआ। अध्यक्षता जयसिंह टिटौड़ा तथा संचालन कप्तान सिंह ने किया। सुधीर, विनय, राजबीर गुर्जर, पवन प्रधान, राजकुमार, रणसिंह, दुष्यंत सिंह, योगेंद्र, जितेंद्र पाल, मनोज सहरावत आदि रहे।

पीसीएस-2016 से सीसैट होगा सिर्फ क्वालीफाइंग

यूपी सरकार ने प्रतियोगियों को नए वर्ष का बड़ा तोहफा दिया है। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट को क्वालीफाइंग पेपर कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के इस प्रस्ताव को शासन ने सोमवार को मंजूरी दे दी।

आयोग को इस आशय का फैक्स मिला है। सीसैट में क्वालीफाई करने के लिए अभ्यर्थियों को न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक पाने होंगे। यह व्यवस्था पीसीएस-2016 से ही लागू होगी।

सिविल सेवा-2015 में सीसैट हुआ क्वालीफाइंग
सिविल सर्विसेज-2011 में सीसैट लागू करने के बाद पीसीएस में भी इसे लागू कर दिया गया लेकिन हिंदी पट्टी के प्रतियोगियों की सफलता का ग्राफ गिरने की वजह से इसका विरोध शुरू हो गया।

राष्ट्रव्यापी आंदोलन तथा राजनीतिक दबाव बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने सिविल सेवा-2015 में सीसैट को क्वालीफाइंग पेपर कर दिया।हिंदी माध्यम वाले प्रतियोगी सिविल सर्विस की तरह यूपी-पीसीएस में भी सीसैट को क्वालीफाइंग करने और दो अतिरिक्त मौका भी चाहते थे। इलाहाबाद में आंदोलन के साथ प्रतियोगियों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को लखनऊ में भी रहा। वे मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे।

हालांकि उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात तो नहीं हुई लेकिन मंत्री अभिषेक मिश्रा को उन्होंने ज्ञापन दिया। इन गतिविधियों के बीच दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने इसकी संस्तुति कर दी। शासन की ओर से इस आशय का आदेश आयोग को भेज दिया गया है।

इस पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार जैन का कहना है कि पीसीएस-2016 से ही इसे लागू किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सीसैट में क्वालीफाइंग करने के लिए न्यूनतम 33 फीसदी अंक हासिल करने होंगे।

स्वामी यशवीर गिरफ्तार, जेल भेजा

मुजफ्फरनगर। कांधला पंचायत में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नामजद स्वामी यशवीर को शामली एसओजी और कांधला पुलिस ने सोमवार को शहर की जाट कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया।

आनन-फानन में पुलिस ने चालान कर उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उधर, कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पर सुनवाई के लिए एक जनवरी 2016 की तारीख लगाई है।

कांधला महापंचायत में बयान को लेकर नामजद किए गए स्वामी यशवीर की तलाश में शामली जिले की पुलिस शुक्रवार से ही लगी थी। स्वामी ने अपने एक शिष्य के माध्यम से घोषणा कराई थी कि सोमवार को वह बघरा स्थित अपने आश्रम पर गिरफ्तारी देंगे, मगर वह आश्रम नहीं पहुंचे।

सोमवार दोपहर अचानक स्वामी शहर की जाट कालोनी स्थित भाजपा नेता उमेश मलिक के आवास पर पहुंचे। जिसकी भनक पुलिस को लग गई। सूचना पर शामली एसओजी प्रभारी सचिन मलिक, कांधला थाना निरीक्षक नरेशपाल यादव और थानाभवन इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने दुपहर ढाई बजे पहुंचकर स्वामी यशवीर को गिरफ्तार कर लिया।

सिविल लाइन थाने लाकर पुलिस ने लिखा-पढ़ी कर स्वामी का चालान कर दिया। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे उन्हें पुलिस ने रिमांड मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।

जिस पर पुलिस ने शाम पांच बजे स्वामी यशवीर को जेल भेज दिया। जेल जाने से पहले मीडिया से बातचीत में स्वामी ने कहा कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक बात नहीं कही है, जो कहा इतिहास के अनुसार कहा। असहिष्णु हिंदू नहीं आजम खां, याकूब कुरैशी और ओवैशी हैं।

स्वामी यशवीर की ओर से अधिवक्ता चंद्रवीर सिंह ने रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष बेल एप्लीकेशन प्रस्तुत की। कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक जनवरी 2016 की तारीख लगाई है।

सरेंडर की चर्चाएं भी रही
स्वामी यशवीर का दोपहर तक कोई अता-पता नहीं था। जिस पर चर्चाएं रहीं कि वह कोर्ट में सरेंडर करेंगे, मगर कोर्ट में अवकाश के कारण वे सरेंडर नहीं कर सके, तब खबर मिली कि वे जाट कालोनी में भाजपा नेता उमेश मलिक के आवास पर हैं। इस सूचना पर पुलिस ने उन्हें वहां से गिरफ्तार कर लिया।

बैरक नंबर-14 स्वामी का नया ठिकाना
मुजफ्फरनगर। विवादित बयान देकर सीखचों के पीछे पहुंचे स्वामी यशवीर का नया ठिकाना जिला कारागार की बैरक नंबर-14 होगी।

बैरक में स्वामी को आम बंदियों के साथ ही रखा है। जेल अधीक्षक ने एसएसपी से मिलकर स्वामी के जेल के भीतर आने के बाद वहां माहौल में गर्माहट की आशंका जताई थी।

विवादित बयान देकर कानून की चपेट में आए स्वामी यशवीर को पुलिस ने सोमवार दोपहर गिरफ्तार किया गया। बाद में कोर्ट में पेश करने के बाद स्वामी को जिला कारागार भेजा गया। स्वामी को कारागार में बैरक नंबर-14 में रखा गया है।

बैरक में पहले से ही साठ के करीब बंदी हैं। स्वामी को उनके बीच मेें आम बंदियों की तरह से रहना होगा। 
उधर, जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने दोपहर को एसएसपी से मिलकर स्वामी के कारागार में पहुंचने से वहां के माहौल में गर्माहट आने की आशंका जताई थी।

कारागार में समुदाय विशेष के बंदी काफी संख्या में हैं। वहीं, जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि स्वामी के आने के बाद कारागार का माहौल पूरी तरह से सामान्य है।

बैंक में पैसे जमा कराने जा रहे व्यापारी से दिन दहाड़े बड़ी लूट

अम्बेडकरनगर में बाइकसवार बदमाशों ने एक व्यापारी से लाखों रुपये लूट लिए। व्यापारी बैंक में पैसे जमा करने आया था। 

जिला मुख्यालय पर चार बाइक सवार बदमाशों ने सोमवार को दिनदहाड़े एक बीड़ी कंपनी के मैनेजर व मुनीम से 37 लाख 50 हजार रुपए लूट लिए।


बदमाश दो बाइक पर थे और लूट के बाद हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। 

बदमाशों ने लूट का विरोध कर रहे एक मुनीम को कट्टे की बट से घायल भी कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस घटना से आसपास क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

अकबरपुरनगर के पहितीपुर चौराहे के पास सोमवार के 10 बजे करीब बदमाशों ने अहमदाबाद गुजरात की प्रसिद्घ 72 छाप बीड़ी कंपनी के मैनेजर जितेन्द्र पटेल उर्फ जीतू अपने साथ मुनीम नटवर व मुनीम नान्हू राम को जीप से लेकर पहितीपुर चौराहे के निकट स्थित यूनियन बैंक की शाखा के लिए निकले। 

बैंक जाने के लिए मैनेजर जितेन्द्र एक बैग लेकर बैंक की तरफ बढ़े। वहां पहले से खड़े बदमाशों ने उनका बैग छीन लिया।