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Tuesday, 29 December 2015

इस वजह से निकाले गए ये 80 आईआईटी स्टूडेंट्स

आईआईटी रुड़की में प्रोग्राम से टर्मिनेट स्टूडेंटों का मामला अभी शांत ही हुआ था कि आईआईटी कानपुर ने भी अंडर ग्रेजुएट (यूजी), पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) और रिसर्च के करीब 80 स्टूडेंटों को प्रोग्राम से टर्मिनेट (संस्थान से निष्कासित) कर दिया है। इन सबके पास 31 दिसंबर तक मर्सी अपील का मौका है।

जो स्टूडेंट मर्सी अपील करेंगे, उनके आवेदन का अध्ययन पहली जनवरी को आईआईटी की सीनेट करेगी। देखेगी कि किस स्टूडेंट को पढ़ने की अनुमति दी जा सकती है। 

प्रोग्राम से टर्मिनेशन की स्थिति में एक सेमेस्टर (छह महीने) की पढ़ाई ब्रेक हो जाती है। इसके बाद फिर मर्सी अपील की मौका मिलता है। अपील मान ली गई तो पढ़ाई की जा सकेगी वर्ना स्टूडेंट को बाहर का रास्ता देखना पड़ेगा।आईआईटी कानपुर ने कम क्यूमलेटिव परफारमेंस इंडेक्स (सीपीआई) वाले बीटेक, एमटेक, बीटेक-एमटेक ड्यूल डिग्री प्रोग्राम, बीएस, बीएस-एमएस ड्यूल डिग्री प्रोग्राम, एमएससी, एमडैस और एमबीए के 80 स्टूडेंटों को प्रोग्राम से टर्मिनेट कर दिया है। 

अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंटों की सीपीआई चार से कम आई है। सालाना के 10 कोर्स भी नहीं पास कर सके हैं। इसी तरह पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंटों की सीपीआई पांच से कम मिली है। सारे कोर्स नहीं पास किए जा सके हैं।

आईआईटी रुड़की के 72 छात्र चले गए थे हाईकोर्ट

आईआईटी रुड़की के प्रोग्राम से टर्मिनेट 72 स्टूडेंटों का मामला खूब गरमाया था। स्टूडेंटों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और धरना-प्रदर्शन भी किया था। बाद में सीनेट ने उन्हें दोबारा पढ़ाई का मौका दिया।

Monday, 28 December 2015

ओबामा केयर की तरह लागू होगा सीएम हेल्थ केयर

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चुनावी तरकश में सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई लुभावने तीर नजर आएंगे। इनमें किसानों और आम लोगों को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने वाले दो नए प्रस्ताव तैयार हैं।

पहली, किसान से लेकर गरीब-गुरबा तक में जीवन कीसुरक्षा का भाव पैदा करने वाली ‘मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना’ है। इसमें किसान हो या आम आदमी, दुर्घटना होने पर इलाज, मृत्यु होने पर परिवारीजनों को मुआवजा और अपंग होने पर कृत्रिम अंग लगवाने का बंदोबस्त किया जा रहा है।

दूसरा, समाजवादी पेंशन के लाभार्थियों से लेकर समस्त बीपीएल परिवारों को ‘ओबामा केयर’ की तरह ‘सीएम हेल्थ केयर’ उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके लिए ‘समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना’ का तोहफा मिलेगा। इन दोनों योजनाओं का फायदा सूबे के करीब 22.5 करोड़ से ज्यादा लोग ले सकेंगे।शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार की लैपटॉप व कन्या विद्याधन योजना युवाओं को आकर्षित करने वाली देश की सबसे हिट स्कीम साबित हो चुकी है। इसी तरह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों में अगर कोई कुछ सबसे पहले गिनाएगा तो वह आम लोगों को सीधा फायदा पहुंचाने वाली सामाजिक सुरक्षा वाली योजनाएं हैं।

इसी तरह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से अमीरिकियों को दी गई हेल्थ केयर की सुविधा को भी काफी चर्चा मिली है। प्रदेश सरकार 2017 के विधानसभा चुनाव में जाने से पहले लोगों को सीधे लाभ देने वाली ऐसी कई योजनाओं पर काम कर रही है।

इसके तहत संस्थागत वित्त एवं बीमा विभाग ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के स्थान पर मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना का खाका तैयार किया है तो स्वास्थ्य विभाग समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना तैयार कर रहा है। इसे जल्द से जल्द कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की योजना है।

वित्त वर्ष 2016-17 के बजट में इन योजनाओं के एलान की तैयारी है। इन दोनों योजनाओं को मिलाकर करीब 20.5 करोड़ लोग फायदा पाएंगे। सरकारी खजाने से चलने वाली इतनी बड़े आकार वाली ऐसी किसी सामाजिक सुरक्षा योजना की मिशाल नहीं मिलती।

विद्युत निगम अफसरों को किसानों ने बंधक बनाया

खतौली। विद्युत समस्या और कर्मचारियों पर चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने एक्सईएन कार्यालय के सामने धरना दिया।

एक्सईएन समेत दो एसडीओ को बंधक बनाकर दो घंटे तक धरने पर बैठाया। समस्या का शीघ्र समाधान कराने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।

भाकियू ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम, पंकज मोघा, अमित राजपूत के नेतृत्व में कार्यकर्ता एक्सईएन विद्युत कार्यालय पर पहुंचे और धरना देकर बैठ गए।

कार्यकर्ताओं ने एक्सईएन योगेश कौशिक तथा एसडीओ मनोज कुमार, एसडीओ एके शीना को बंधक बनाकर अपने बीच धरने पर बैठा लिया।

उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मचारी रात्रि में चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। बिल में भी गड़बड़ी की जा रही है। इसके अलावा गांवों में जर्जर तार नहीं बदले जा रहे हैं।

जिस पर एक्सईएन ने 15 दिन के अंदर रतनपुरी के जर्जर तार बदलवाने, एक सप्ताह में सिकंदरपुर बिजलीघर तथा सकौती फीडर से डबल ग्रुप विद्युत सप्लाई देने, मार्च तक किसानों को बिल जमा कराने के लिए परेशान ना करने के आश्वासन दिया।

इसके बाद धरना समाप्त हुआ। अध्यक्षता जयसिंह टिटौड़ा तथा संचालन कप्तान सिंह ने किया। सुधीर, विनय, राजबीर गुर्जर, पवन प्रधान, राजकुमार, रणसिंह, दुष्यंत सिंह, योगेंद्र, जितेंद्र पाल, मनोज सहरावत आदि रहे।

पीसीएस-2016 से सीसैट होगा सिर्फ क्वालीफाइंग

यूपी सरकार ने प्रतियोगियों को नए वर्ष का बड़ा तोहफा दिया है। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट को क्वालीफाइंग पेपर कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के इस प्रस्ताव को शासन ने सोमवार को मंजूरी दे दी।

आयोग को इस आशय का फैक्स मिला है। सीसैट में क्वालीफाई करने के लिए अभ्यर्थियों को न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक पाने होंगे। यह व्यवस्था पीसीएस-2016 से ही लागू होगी।

सिविल सेवा-2015 में सीसैट हुआ क्वालीफाइंग
सिविल सर्विसेज-2011 में सीसैट लागू करने के बाद पीसीएस में भी इसे लागू कर दिया गया लेकिन हिंदी पट्टी के प्रतियोगियों की सफलता का ग्राफ गिरने की वजह से इसका विरोध शुरू हो गया।

राष्ट्रव्यापी आंदोलन तथा राजनीतिक दबाव बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने सिविल सेवा-2015 में सीसैट को क्वालीफाइंग पेपर कर दिया।हिंदी माध्यम वाले प्रतियोगी सिविल सर्विस की तरह यूपी-पीसीएस में भी सीसैट को क्वालीफाइंग करने और दो अतिरिक्त मौका भी चाहते थे। इलाहाबाद में आंदोलन के साथ प्रतियोगियों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को लखनऊ में भी रहा। वे मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे।

हालांकि उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात तो नहीं हुई लेकिन मंत्री अभिषेक मिश्रा को उन्होंने ज्ञापन दिया। इन गतिविधियों के बीच दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने इसकी संस्तुति कर दी। शासन की ओर से इस आशय का आदेश आयोग को भेज दिया गया है।

इस पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार जैन का कहना है कि पीसीएस-2016 से ही इसे लागू किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सीसैट में क्वालीफाइंग करने के लिए न्यूनतम 33 फीसदी अंक हासिल करने होंगे।