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Monday, 11 January 2016

दारूल उलूम ने की मदरसों में तिरंगा लहराने की खिलाफत

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) द्वारा मदरसों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की राष्ट्रव्यापी मुहिम का विरोध करते हुए दारूल उलूम देवबंद ने सवाल किया कि संघ नागपुर स्थित अपने मुख्यालय में तिरंगा कब फहरायेगा।
दारूल उलूम ने कहा कि संघ ने आजादी की लडाई में कोई योगदान नहीं दिया और न ही कभी तिरंगे का सम्मान किया। वे सिर्फ अपने ध्वज पर विश्वास करते हैं और उसके सामने ही नतमस्तक होते हैं। एमआरएम ने आठ जनवरी को मुहिम के तहत मदरसों को पत्र भेजे थे और सोशल मीडिया के जरिये मदरसों में राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय दिवस जैसे स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराने की अपील की थी। दारूल उलूम द्वारा उठाये गये सवाल पर एमआएम ने कहा कि सभी राष्ट्रीय पर्वों पर सरस्वती शिक्षा मंदिर स्कूलों में तिरंगा फहराया जाता है और संघ की देश भर में फैली शाखाओं में राष्ट्रीय त्यौहारों को धूमधाम से मनाया जाता है। एमआरएम का कहना है कि किसी भी स्थान को संघ कार्यालय के तौर पर चिन्हित नहीं किया गया है।
मंच के प्रांतीय संयोजक महिधरध्वज सिंह ने आज कहा कि इसे संघ की मुहिम की बजाय सामाजिक आंदोलन के तौर पर लिया जाना चाहिये। कोलकाता के एक मदरसे में राष्ट्रीय गान की वकालत करने वाले एक अध्यापक के साथ मारपीट की गयी। ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिये मदरसों में राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय ध्वज फहराने को आंदोलन का रूप देने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि कोलकाता में तालपुकूर आरा उच्च मदरसा के हेडमास्टर काजी मासूम अख्तर के साथ मौलानाओं और उनके गुर्गों ने मारपीट की थी। हेडमास्टर का अपराध यह था कि वह मदरसा में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस समारोह के लिये राष्ट्रगान गाने का प्रशिक्षण दे रहे थे। श्री सिंह ने कहा कि हम मुस्लिम समुदाय को बताना चाहते हैं कि इस्लाम में देश भक्ति को अहम दर्जा हासिल है। मौहम्मद साहब के बताये रास्ते के अनुसार मुस्लिमों को उस जमीन और वहां बने कानून के प्रति वफादार रहना चाहिये, इसलिये मंच की अपील है कि वे अपने देश के संविधान और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में कोई राजनीति नहीं है और उनकी मंशा मुहिम के जरिये सिर्फ राष्ट्रविरोधी ताकतों को जवाब देना है। मंच ने कभी यह सलाह नहीं दी कि मस्जिदों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाये हालांकि राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर शिक्षण संस्थाओं में तिरंगा जरूर फहराया जाना चाहिये।

पवन तरार बने शामली के भाजपा जिलाध्यक्ष

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने आज उत्तर प्रदेश के 51 जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने शामली में पवन तरार और बिजनौर में राजीव कुमार सिसौदिया को पार्टी की कमान सौंपी है। अभी मुजफ्फरनगर के लिये किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है।
भाजपा के प्रदेश चुनाव अधिकारी व चंदौली के सांसद डा. महेन्द्र नाथ पांडेय ने उत्तर प्रदेश के वर्तमान संगठनात्मक सत्र के लिये 51 जिलों के निर्वाचित जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किये, जिनमें काशी महानगर से प्रदीप अग्रहरी, वाराणसी से हंसराज विश्वकर्मा, चंदौली सर्वेश कुशवाहा, गाजीपुर से भानू प्रताप सिंह, सोनभद्र से अशोक मिश्रा, प्रतापगढ से ओमप्रकाश त्रिपाठी, कौशाम्बी से रमेश पासी, जौनपुर से सुशील उपाध्याय, गोरखपुर से जनार्धन तिवारी, महाराजगंज से अरूण कुमार शुक्ला, बस्ती से पवन कशोधन, सिद्धार्थनगर से रामकुमार राय कुंवर, देवरिया से महेन्द्र यादव, कुशीनगर से जयप्रकाश शाही, मऊ से सुनील गुप्ता, लखनऊ महानगर से मुकेश शर्मा, लखनऊ जिले से रामनिवास यादव, उन्नाव से श्रीकांत कटियार, लखीमपुर से शरद वाजपेयी, बाराबंकी से अवधेश श्रीवास्तव, अम्बेडकर नगर से शिवनायक वर्मा, गोंडा से पीयूष मिश्रा, बलरामपुर से राकेश प्रताप सिंह, बहराइच से श्याम कुमार टेकरीवाल, झांसी से प्रदीप सरावगी, चित्रकूट से अशोक कुमार जाटव, जालौन से उदयन पालीवाल, बांदा से इन्द्रपाल सिंह पटेल, हमीरपुर से संत विलास शिवहरे, महोबा से जितेन्द्र कुमार सिंह सेंगर, फतेहपुर से दिनेश वाजपेयी, फर्रूखाबाद से सतपाल सिंह, इटावा से शिव महेश दूबे, मैनपुरी से आलोक गुप्ता, हाथरस से रामवीर सिंह, अलीगढ महानगर से विवेक सारसवत, अलीगढ जिले से नत्थी सिंह, एटा से दिनेश वशिष्ठ, कासगंज से पूर्नेद सोलंकी, नोएडा महानगर से राकेश शर्मा, गौतमबुद्धनगर जिले से विजय सिंह भाटी, बागपत से संजय खोखर, शामली से पवन तरार, मेरठ से शिवकुमार राणा, बिजनौर से राजीव कुमार सिसौदिया, अमरोहा से ऋषिपाल नागर, मुरादाबाद से हरिओम शर्मा, सम्भल से राजेश सिंघल, बदायूं से हरीश शाक्य, बरेली महानगर से उमेश कठेरिया वाल्मीकि, बरेली जिले से रविन्द्र सिंह राठौर के नाम घोषित किये गये हैं।

Thursday, 7 January 2016

मुजफ्फरनगर से आंचल, शामली से संतोष जीती

मुजफ्फरनगर/शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में समाजवादी पार्टी के विजयी रथ को मुजफ्फरनगर व शामली में विपक्षी दिग्गजों ने थाम दिया। दोनों ही जनपदों में सपा प्रत्याशियों की करारी हार हुई, जबकि विपक्ष ने अपनी ताकत का अहसास कराते हुए दोनों ही जगह एकजुटता से जीत हासिल कर ली। मुजफ्फरनगर में विपक्षी की सर्वदलीय प्रत्याशी आंचल तोमर व शामली में संतोष देवी ने जीत हासिल की, जबकि सपा प्रत्याशी उमा किरण व शैफाली चौहान को हार का मुंह देखना पडा। मुजफ्फरनगर में विजयी प्रत्याशी आंचल तोमर को 26 वोट व पराजित प्रत्याशी उमा किरण को 17 वोट मिले, जबकि शामली में संतोष देवी को 12 व शैफाली चौहान को मात्र 7 वोट ही प्राप्त हो सके। शैफाली चौहान की हार से चौ. वीरेन्द्र सिंह की किरकिरी हो गई, जबकि मुजफ्फरनगर में एमएलसी आशु मलिक कोई करिश्मा नहीं कर सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के बेहद प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में समाजवादी पार्टी के सभी हथकंडों को फेल करते हुए विपक्ष ने एकजुटता से अपनी ताकत का अहसास कराते हुए जीत हासिल कर ली। मुजफ्फरनगर में विपक्ष की संयुक्त प्रत्याशी आंचल तोमर 26 वोट लेकर विजयी रही, जबकि सपा प्रत्याशी उमा किरण को मात्र 17 वोट ही मिल सके। आज प्रात: 11 बजे से कडी सुरक्षा के बीच कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम कोर्ट में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये मतदान शुरू हुआ और अपरान्ह तीन बजे तक सभी 43 मतदाता जिला पंचायत सदस्यों ने मतदान किया। इसके बाद डीएम निखिल चन्द्र शुक्ला ने मतगणना कराई, जिसमें विपक्ष की संयुक्त प्रत्याशी आंचल तोमर को 9 मतों से विजयी घोषित किया गया। आंचल को 26 व सपा प्रत्याशी उमा किरण को 17 मत मिले। जिलाधिकारी ने आंचल तोमर को विजयी होने का प्रमाण पत्र दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर व ढोल नगाडे बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया।
दूसरी ओर एमएलसी आशु मलिक को सपा हाईकमान ने अंतिम समय में चुनाव का प्रभारी बनाकर भेजा था और उन्होंने पिछले तीन दिनों से जबरदस्त जोडतोड की। अलग-अलग जगह गुप्त बैठकें कर जीत की रणनीति बनाई गई और साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाते हुए खूब भागदौड की, लेकिन आखिरकार उनकी मेहनत पर पानी फिर गया और विपक्ष की संयुक्त प्रत्याशी आंचल तोमर की जीत को वे रोक नहीं सके। केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने अपनी ताकत का अहसास सपा नेताओं को करा दिया और उनके चक्रव्यूह को भेदते हुए भाजपा, रालोद व भाकियू की संयुक्त प्रत्याशी आंचल तोमर को जीत दिला दी। इस चुनाव में भाजपा जिलाध्यक्ष सतपाल सिंह पाल, पूर्व चेयरमैन कपिल देव अग्रवाल, रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, एमएलसी मुश्ताक चौधरी, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, भाजपा नेता उमेश मलिक व जिला पंचायत सदस्य धीरेन्द्र सिंह बरवाला की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रही। यही कारण है कि सपा प्रत्याशी उमा किरण को 9 मतों से हार का सामना करना पडा।
सपा के कई दिग्गज नेता इस चुनाव में पूरी भागदौड करते रहे। एमएलसी आशु मलिक के अलावा दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मुकेश चौधरी, पूर्व विधायक शाहनवाज राणा, सपा जिलाध्यक्ष श्यामलाल बच्ची सैनी, जिला पंचायत सदस्य अब्दुल्ला राणा ने लगातार उमा किरण की जीत के लिये प्रयास किये और सदस्यों की खरीद-फरोख्त से लेकर पुलिस से दबाव बनवाने तक का भी प्रयास किया, लेकिन आखिरकार वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके और सपा प्रत्याशी को करारी हार का सामना करना पडा।
शामली संवाददाता के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष के कडे मुकाबले में बसपा सहित सर्वदलीय उम्मीदवार संतोष देवी ने अपनी प्रतिद्वंदी सपा उम्मीदवार शैफाली चौहान को पांच मतों से करारी शिकस्त देकर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। सपा की करारी हार व बसपा सहित सर्वदलीय उम्मीदवार की भारी जीत पर जनपद में जश्न का माहौल बन गया। आज सुबह सवेरे कलेक्ट्रेट परिसर में शुरू हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पद के मतदान में सदस्यों की भीड लग गयी थी। संतोष देवी अपने साथ दस सदस्यों को लेकर मतदान स्थल पर पहुंच चुकी थी जबकि सपा उम्मीदवार शैफाली चौहान अपने पति जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान के साथ पांच मतों को लेकर पहुंचे थे। दो मत अनुज चौहान व अनिल चौहान की पत्नी सुषमा भी कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा उसके पश्चात सपा की पूर्व सांसद वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य तबस्सुम बेगम अपना मत का प्रयोग करने के लिए पहुंची। तबस्सुम हसन के बाद लगभग दो बजे वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष व सपा उम्मीदवार शैफाली चौहान के पति मनीष चौहान ने अपने मत का प्रयोग किया। तीन बजे मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। मतदान के बाद हुई मतगणना के पश्चात जिलाधिकारी ओपी वर्मा ने संतोष देवी के पक्ष में 12 मत व शैफाली चौहान के पक्ष में 7 मत होने की घोषणा के साथ ही विजेता के रूप में संतोष देवी को प्रमाण पत्र दिया। जैसे ही समर्थकों को संतोष देवी की जीत का पता चला तभी ढोल नगाडों की थाप पर जश्न मनना शुरू हो गया और मायावती व अजित सिंह जिंदाबाद के नारों से आसमान गूंजने लगा। भारी सैलाब को देखते हुए पुलिस को कडी मशक्कत करनी पडी। सपा की करारी हार होने पर जनपद की राजनीति यकायक बदलती हुई दिखाई दी। संतोष देवी की जीत ने एक बार फिर जाट बनाम मुसलमान के गठबंधन को जीवित कर दिया। संतोष देवी के पक्ष में मुस्लिम जिला पंचायत सदस्य लामबंद दिखाई दिए जबकि सपा की शैफाली चौहान को जिताने के लिए तीन-तीन मंत्रियों का डेरा जनपद में डला रहा। प्रदेश के कद्दावर मंत्री बलराम यादव, जनपद प्रभारी मंत्री ठा. ओमप्रकाश सिंह व महबूब अली ने डेरा डालकर हरसंभव प्रयास किया कि शैफाली चौहान की जीत हो जाए लेकिन चुनाव परिणामों ने उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया। शैफाली की हार व संतोष देवी की जीत ने जनपद की राजनीति में कीर्तिमान स्थापित किया। जीत के बाद उत्साही समर्थक प्रसन्न चौधरी को कंधों पर बैठाकर जुलूस के रूप में आतिशबाजी करते हुए एमएसके रोड स्थित रजवाडा फार्म पर पहुंचे, जहां मौजूद पूर्व सांसद हरेन्द्र मलिक, पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह, भाजपा विधायक सुरेश राणा, विधायक पंकज मलिक, पूर्व विधायक राव वारिस, हाजी अनवर हसन, अनिल चौहान, महाराज सिंह लांक, अशरफ अली, वीरेन्द्र सिंह कुडाना, कंवरपाल मालैंडी, कृष्णपाल मलिक, मदनसिंह सिम्भालका, कंवरपाल कसेरवा, सुनील पूर्व प्रधान झाल, कुलदीप पंवार, डा. योगेन्द्र तोमर तेजबीर कुडाना, पंदीप पंवार, सतेन्द्र खैवाल, आदि सहित हजारों समर्थकों ने पहुंचकर प्रसन्न चौधरी को जीत की

Wednesday, 6 January 2016

सहारनपुर-दिल्ली के बीच दौड़ेगी डीएमयू

मुजफ्फरनगर । मुजफ्फरनगर-टपरी रेल लाइन के दोहरीकरण और विद्युतीकरण कार्य का शिलान्यास करने आए केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि डबल लाइन बनने और विद्युतीकरण होने से सहारनपुर-मेरठ-दिल्ली के बीच डीएमयू ट्रेनों को संचालन कराया जाएगा। इससे सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के यात्री एक दिन में दो बार दिल्ली-आ जा सकेंगे।

स्टेशन परिसर में आयोजित शिलान्यास समारोह में रेल राज्य मंत्री सिन्हा ने कहा कि यहां डबल लाइन बनने और विद्युतीकरण होने के बाद स्थानीय यात्रियों को काफी सुविधाएं मिलेंगी। समय से ट्रेनों का संचालन होगा। उन्होंने घोषणा की कि इस बार यहां के यात्रियों को कई ट्रेनों का तोहफा मिलेगा। उन्होंने पीएम मोदी और रेल मंत्री सुरेश प्रभु की तारीफ की। डबल लाइन परियोजना के लिए धन स्वीकृत कराने का श्रेय केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान को दिया। उन्होंने यूपी सरकार पर भी निशाना साधा, कहा कि यूपी को उत्तम प्रदेश नहीं बनाया जा सका, बल्कि उल्टा प्रदेश बना दिया। 

उन्होंने कहा कि भाजपा ही यूपी को उत्तम प्रदेश बना सकती है। रेल और सड़क पर केंद्र सरकार का पूरा ध्यान केंद्रित है, ताकि यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। रेलवे अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव कर रही है। यूपी में रेलवे ने 4200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं बनाई हैं। शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने कहा कि 20 वर्षों से दोहरीकरण की मांग उठाई जा रही है। पूर्व सांसद संजय चौहान, मुनव्वर हसन आदि ने भी संसद में यह मांग उठाई।

आज यह मांग पूरी हुई है, इसके लिए मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की जनता रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा की आभारी रहेगी। सहारनपुर सांसद राघव लखनपाल ने अपने संबोधन में शिलान्यास के लिए सहारनपुर निवासियों की ओर से रेल मंत्री का आभार जताया।